राजस्थान

सेहलाऊ शरीफ में अ़ज़ीमुश्शान पैमाने पर जश्ने ईद मीलादुन्नबी मनाया गया

गागरिया स्टेशन से सेहलाऊ दरगाह शरीफ तक विशाल जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया

इलाक़ा-ए-थार(खावड़) तौहीद व रिसालत और सरकार की आमद… मरहबा…से गूंज उठा

इस साल बारह रबीउ़ल अव्वल शरीफ के मौक़े पर पहली बार इलाक़ा-ए-थार के ज़ैली इलाक़ा “खावड़” के मरकज़ी क़स्बा गागरिया से सेहलाऊ शरीफ तक बहुत ही अ़ज़ीमुश्शान और विशाल जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया!

इस जुलूस में पूरे इलाक़ा-ए-खावड़ के मोअ़ज़्ज़िज़ीन और अ़वामे अहलेसुन्नत ने शिरकत करके अपनी ग़ुलामी और बेदारी व अ़कीदत व मुहब्बत का षुबूत पेश किया-

मुख्तलिफ मवाज़आ़त(गांवों)के नौजवानों ने बहुत ही जोश व अ़क़ीदत और मुहब्बत के साथ इस जुलूस की निगरानी की!

जुलूस की सदारत व सरपरस्ती शैखे तरीक़त नूरुल उ़ल्मा हज़रत अ़ल्लामा अल्हाज सय्यद नूरुल्लाह शाह बुखारी ने की!
आप ने जुलूस की रवानगी के वक़्त सभी शुरका-ए-जुलूस को जुलूस के आदाब वग़ैरह से मुतअ़ल्लिक़ उ़म्दा नसीहत की –

जुलूस सुबह 8:30 पर गागरिया से रवाना हो कर लगभग 10 बेजे इलाक़े की मरकज़ी दर्सगाह “दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफा सेहलाऊ शरीफ” के वसीअ़ व अ़रीज़ वादी-ए-नूर (ग्राउंड)में पहुंचा,यहाँ दारुल उ़लूम के मुहतमिम व शैखुल हदीष के सरपरस्ती में दारुल उ़लूम के असातेज़ा व तल्बा और अतराफ के लोगों ने जुलूस का शान्दार इस्तिक़बाल किया!……यहाँ के एलावा रास्ते में भी मुख्तफ गाँवों के लोगों ने इस जुलूस का इस्तिक़बाल कर के जुलूस में शरीक हुए!
जुलूस दारुल उ़लूम पहुंचने के बाद सब से पहले क़ुतबे थार हज़रत पीर सय्यद हाजी आ़ली शाह बुखारी के आस्ताने पर पहुंचा!

दरगाह शरीफ पर इज्तिमाई फातिहा ख्वानी,सलातो सलाम और अमन चैन आपसी मुहब्बत और मुल्क व क़ौम की खुशहाली वग़ैरह के लिए दरगाह के साहिबे सज्जादा ने खुसूसी दुआ़ की!

फिर दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफा में “जल्सा-ए-ईद मीलादुन्नबी” की शुरुआत तिलावते कलामे रब्बानी से की गई!

बादहु यके बाद दीगरे दारुल उ़लूम के कई तल्बा ने बारगाहे रिसालत मआब में सिंधी व उर्दू ज़बान में नअ़तहा-ए-रसूल के नज़राने पेश किए!

क़िल्लते वक़्त की वजह से सिर्फ एक ही खुसूसी तक़रीर पीरे तरीक़त नूरुल उ़ल्मा हज़रत अ़ल्लामा अल्हाज सय्यद नुरुल्लाह शाह बुखारी मद्द ज़िल्लहुल आ़ली की हुई!
आप ने अपने तक़रीर के दौरान लोगों को हुज़ूर नबी-ए-अकरम सल्लाल्लाहु अ़लैहि वसल्लम के उस्वा-ए-हसना- (सीरत) को अपनाने पर ज़ोर दिया-
साथ ही साथ हुज़ूर की सीरत के मुख्तलिफ गोशों बिलखुसूस आप के रहम व करम के वस्फ पर खुसूसी रोशनी डाली-
फिर सलातो सलाम और दुआ़ पर यह मज्लिस इख्तिताम पज़ीर हुई!
आखिर में दरगाह कमेटी की तरफ से सभी हज़रात की खिदमत में लंगर पेश किया गया-
लंगर के इहतिमाम में जो भी मसारिफ आए उस की मुकम्मल ज़िम्मेदारी एक साहिबे खैर ने लिया-
अल्लाह तआ़ला उन के जाइज़ मतालिब पूरा फरमाए और दारैन की सआ़दतों से मालामाल फरमाए!

रिपोर्टर:बाक़िर हुसैन क़ादरी अनवारी
खादिम:दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफा सेहलाऊ शरीफ,पो: गरडिया, तह:रामसर, ज़िला:बाड़मेर(राज)

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