गोरखपुर

राबिया सैफ़ी दुष्कर्म-हत्याकांड : सीबीआई जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई व मुआवजे की मांग

एआईएमआईएम ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

गोरखपुर। दिल्ली में हुए राबिया सैफ़ी दुष्कर्म-हत्याकांड को लेकर आमजन में ग़म व गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मामले की जांच सीबीआई से करवाने, दोषियों की जल्द गिरफ़्तारी, कड़ी सजा दिए जाने, पीड़िता के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व परिवार की सुरक्षा आदि मांगों को लेकर एआईएमआईएम पार्टी ने नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मी बाई पार्क में धरना प्रदर्शन किया। जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्रीय मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपा। कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर व तख्तियां थी जिस पर राबिया सैफ़ी को इंसाफ दिए जाने के नारे लिखे थे। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी व सभा भी की।

पार्टी के जिलाध्यक्ष मो. इस्लाम व महानगर अध्यक्ष एडवोकेट शोएब ख़ान सिमनानी ने कहा कि दिल्ली के सिविल डिफेंस में काम करने वाली राबिया सैफ़ी के साथ हुई दुष्कर्म व हत्या की घटना से आम जनमानस हिल गया है। महिलाओं, बच्चों, अल्पसंख्यकों, दलितों व पिछड़ों के खिलाफ़ अपराध बढ़ रहे हैं। खासकर महिलाओं के खिलाफ़ अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जो सरकार की बड़ी नाक़ामी है। सरकार से हमारी मांग है कि महिला अपराध रोकने के लिए सख़्त कानून बनाया जाए। पीड़िता महिलाओं को न्याय दिलाया जाए। उनका पुनर्वास किया जाए। उन्हें आर्थिक सहायता के साथ सरकारी नौकरी दी जाए। राबिया के साथ हुए जघन्य अपराध की जल्द से जल्द सीबीआई जांच करवाई जाए। दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। परिवार को दस लाख रुपया मुआवजा व परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए। इसके अलावा परिवार की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम किया जाए।

जिला प्रमुख महासचिव मो. क़ैश अंसारी, महिला सभा की महानगर अध्यक्ष नीलम मिश्रा व महानगर उपाध्यक्ष आसिया सिद्दीक़ी ने कहा कि वर्तमान सरकार जबसे सत्ता में आई है तब से इस तरह की घटनाएं बढ़ी है। राबिया की जगह कोई निर्भया होती तो नाम निहाद सेकुलर पार्टियां सड़क पर उतर जातीं। अभी तक कोई भी पार्टी राबिया को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर नहीं उतरी है जबकि दिल्ली में तथाकथित सेकुलर पार्टी आप की सरकार है। अभी तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से इस जघन्य अपराध की निंदा तक नहीं की गई है। वहीं सपा, बसपा व कांग्रेस जो मुसलमानों को अपना वोट बैंक समझती हैं उन्होंने भी इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया है।

प्रदर्शन करने वालों में मो. वसीम, मो. शाहिद, सहमद अली, रोहित, आरिफ जमा, मो. फैजुद्दीन, मो. बिलाल आसिया, नीलम, अली अकबर, समीर सिद्दीक़ी, नूर मोहम्मद दानिश सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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