कविता

नात ए रसूल

फ़ैसल क़ादरी गुन्नौरी आँख जो दीदार की उन के तमन्नाई ना होया ख़ुदा उस आँख में बहतर है बीनाई ना हो जिस में उन के इश्क़ का डेरा नही वो दिल ही क्यासर ही क्या है जो शहे वाला का सौदाई ना हो उन की मिदहत से रहे ग़ाफ़िल ज़ुबाँ जिस दिन मिरीया ख़ुदा उस […]