अमनो अमान के साथ ईद मनाने की अपील
नायब क़ाज़ी मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि गुनाहों से तौबा करें। जिस तरह रमज़ान में ज़िंदगी गुजारी है उसी तरह पूरी ज़िंदगी गुजारें। जो भी काम करें अल्लाह व रसूल की रज़ा के लिए। आपसी भाईचारा को कायम रखें। जरूरतमंदों की हर तरह से मदद करें। नमाज़ ब जमात अदा करें। हलाल रिज्क से अपनी व अपने घर वालों की परवरिश करें। रिश्तेदारों, पड़ोसियों के साथ बेहतर सुलूक करें। ईद की ख़ुशियों में सभी को शामिल करें। मिलजुल कर शांति के साथ ईद मनाएं। मोहब्बत को आम करें। मुल्क में अमन, सलामती, भाईचारगी व तरक्की की दुआ मांगें।

युवा धर्मगुरु कारी मोहम्मद अनस रज़वी ने कहा कि ईद का त्योहार अमनो शांति के साथ मनाएं। एक दूसरे के प्रति प्रेम का भाव पैदा कर ईद की ख़ुशियों में शामिल करें। जिन त्योहारों के जरिए समरस समाज बनाने की कोशिश की गई है उनमें ईद-उल-फित्र की खास अहमियत है। रमज़ान का महीना हमारे प्रशिक्षण के लिए आया था ताकि हम साल के अन्य महीनों में अल्लाह के फरमाबरदार बनकर ज़िंदगी गुजारें। नमाज़ की पाबंदी करें। क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत करें और उसके हुक्म पर ज़िंदगी गुजारें। झूठ, फरेब, रिश्वतखोरी से खुद को बचाएं। बेहूदा कलमात ज़बान से न निकालें। चुगली न करें। ईद के दिन मोहब्बत व भाईचारगी का पैग़ाम आम करें। अमन, सुकून के साथ ज़िंदगी गुजारने व जुल्म ज्यादती से निजात की दुआ मांगें। ग़रीबों व जरूरतमंदों का खूब ख्याल रखें। प्यार बांटें।
