गोरखपुर। कारी मोहम्मद अनस रज़वी ने बताया कि बहुत से लोग इफ्तार में इतने मशगूल होते हैं कि नमाज़ बाजमात छूट जाती है। यह भी बड़ी कोताही है। जमात को छोड़ देना सिर्फ थोड़े से खाने की वजह से अच्छी बात नहीं। हालांकि लोगों को यह पता है कि नमाज़ के बाद भी खा सकते थे मगर इतना सब्र भी मुश्किल हो जाता है। इसी तरह कुछ लोग इफ्तार में इतना पेट भरकर खाते हैं कि फिर नमाज़ में खड़ा होना दुश्वार हो जाता है और नमाज़ें यहां तक कि तरावीह भी गफलत में गुजरती है। इससे बचना चाहिए। अल्लाह का फ़ज़ल वह खजाना-ए-रहमत है कि जिसे मिल जाए उसकी दीन व दुनिया संवर जाये। अल्लाह चाहता है कि इंसान उसका इबादतगुजार और इताअत करने वाला बंदा बने। इसलिए अल्लाह ने इंसान में सिफाते बंदगी पैदा करने के लिए कुछ फरायज इंसान के जिम्मे लगाए हैं। रोज़ा भी उन्हीं फरायज में से एक है।
Related Articles
पुलिसिया खेल में एक नया मोड़; मोबाइल का सीडीआर खोलेगा असली मास्टरमाइंड का राज
खजनी थाना क्षेत्र के मऊधरमंगल गांव में गोली कांड का मामला शनिवार को समाधान दिवस के दौरान मास्टर माइंड के कहने पर ओम प्रकाश यादव ने अपने भाइयों को बताई योजना ड्यूटी से भागकर शनिवार रात आए दोनो सिपाही रविवार सुबह घटना को दिया अंजाम खजनी। खजनी थाना क्षेत्र के मऊधर मंगल गोली कांड में […]
विश्व योग दिवस पर योगगुरु डा० जयंत नाथ एवं डा० मुस्ताक अली सम्मानित, कहा करो योग रहो निरोग
गोरखपुर 21जून, विश्व योग दिवस के अवसर पर डा अशोक कुमार श्रीवास्तव फैंस क्लब व् विश्व शांति मिशन के संयुक्त तत्वधान में हुआ योग पर व्याख्यान व् सम्मान का आयोजन सिविल लाइन स्थित डॉ अशोक श्रीवास्तव सभागार में प्रातः प्रथम सत्र में योगासन एवं ध्यान प्रशिक्षण तथा दोपहर 12:00 से द्वीतीय सत्र में योग पर […]
मुहर्रम: शहर के युवा रोजा रखकर करेंगे नेक काम
मुहर्रम: शहर के युवा रोजा रखकर करेंगे नेक काम, शहीदे कर्बला की बारगाह में पेश करेंगे अकीदत का नज़राना
