गोरखपुर। कारी मोहम्मद अनस रज़वी ने बताया कि बहुत से लोग इफ्तार में इतने मशगूल होते हैं कि नमाज़ बाजमात छूट जाती है। यह भी बड़ी कोताही है। जमात को छोड़ देना सिर्फ थोड़े से खाने की वजह से अच्छी बात नहीं। हालांकि लोगों को यह पता है कि नमाज़ के बाद भी खा सकते थे मगर इतना सब्र भी मुश्किल हो जाता है। इसी तरह कुछ लोग इफ्तार में इतना पेट भरकर खाते हैं कि फिर नमाज़ में खड़ा होना दुश्वार हो जाता है और नमाज़ें यहां तक कि तरावीह भी गफलत में गुजरती है। इससे बचना चाहिए। अल्लाह का फ़ज़ल वह खजाना-ए-रहमत है कि जिसे मिल जाए उसकी दीन व दुनिया संवर जाये। अल्लाह चाहता है कि इंसान उसका इबादतगुजार और इताअत करने वाला बंदा बने। इसलिए अल्लाह ने इंसान में सिफाते बंदगी पैदा करने के लिए कुछ फरायज इंसान के जिम्मे लगाए हैं। रोज़ा भी उन्हीं फरायज में से एक है।
Related Articles
इस्लाम अल्लाह का भेजा हुआ सच्चा दीन है : नायब काजी
निज़ामपुर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी जलसा गोरखपुर। निज़ामपुर में रविवार देर रात जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी जलसा हुआ। संचालन हाफ़िज़ महमूद रज़ा क़ादरी ने किया। मुख्य वक्ता नायब काजी मुफ़्ती मोहम्मद अज़हर शम्सी ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम अल्लाह के द्वारा दिया गया संदेश है जो क़ुरआन-ए-पाक के रूप में आख़िरी पैग़ंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊपर […]
दीन-ए-इस्लाम अमन व मोहब्बत का धर्म है: नायब काजी
शाही जामा मस्जिद में मुक़द्दस हस्तियों की याद में सजी महफिल गोरखपुर। गुरुवार को शाही जामा मस्जिद तकिया कवलदह में दीन-ए-इस्लाम की मुक़द्दस हस्तियों की याद में महफिल सजी। क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत हुई। नात-ए-पाक पेश की गई। उम्मुल मोमिनीन हज़रत सैयदा जवेरिया रदियल्लाहु अनहा, हज़रत ख़्वाजा सैयद मोहम्मद बहाउद्दीन नक्शबंद, हज़रत सैयद मोहम्मद सुलेमान अशरफ़ […]
खांसते समय मुंह से ब्लड आ जाए तो रोज़ा नहीं टूटेगा: उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर गुरुवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]
