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हज़रत इमाम हुसैन की याद में ग़ौसे आज़म फाउंडेशन ने खिलाया खाना पिलाया शरबत

मोहरर्म के महीने में ग़ौसे आज़म फाउंडेशन ने हज़रत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में बहुत से नेकियों के कामों को अंजाम दिया। मैं देश के विभिन्न शहरों के जीएएफ़ के सभी अध्यक्ष व पुरी टीम और सहयोगियों का दिल की गहराईयों से शुक्रिया अदा करता हूं : जीएएफ़ प्रमुख, सैफुल्लाह ख़ां

जयपुर, बरेली, संत कबीरनगर, गिरिडीह, गोरखपुर, ग़ाजियाबाद, वनारस, हावड़ा, हुगली, 24 परगना, बर्दवान । ग़ौसे आज़म फाउंडेशन (जीएएफ़) के डायरेक्टर समाजसेवी मोहम्मद ख़ालिद सैफुल्लाह ने बताया कि जीएएफ़ के बैनाड़ के अध्यक्ष समाजसेवी साजिद अली, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद ओसामा सैफुल्लाह, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष इंजीनियर अब्दुल वाहिद अंसारी, बस्ती मंडल के अध्यक्ष समाजसेवी मोहम्मद वक़ार अहमद, गिरिडीह के अध्यक्ष समाजसेवी सद्दाम हुसैन, गोरखपुर के अध्यक्ष समाजसेवी समीर अली, महासचिव हाफ़िज़ मोहम्मद अमन, रहमत नगर अध्यक्ष मोहम्मद फैज, मिर्जापुर अध्यक्ष मोहम्मद इमरान, गोरखनाथ अध्यक्ष वारिस अली, ग़ाजियाबाद के अध्यक्ष मोहम्मद अलतमश क़ादरी, बनारस के अध्यक्ष आमिर मलिक, वेस्ट बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर एम गोस्वामी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्षा श्रीमती जुलेखा बेग़म आदि ने अपने अपने क्षेत्रों में हज़रत इमाम हुसैन रज़ीयल्लाहो अन्हो और करबला के शहीदों की याद में बहुत से नेकियों के कामों को अंजाम दिया। जिनमें से प्रमुखता के साथ खाना खिलाना, शरबत पिलाना, पौधारोपण करना, लस्सी, बीरयानी व फलों का वितरण करना, आशिक़ाने हज़रत हुसैन का फुल मालाओं से स्वागत करना, रोज़ादारों को रोज़ा इफ़्तार करवाना, ग़रीब बच्चों को किताबें देना, पुलिस प्रशासन को शिल्ड देना व माला पहनाकर उनकों सम्मानित करना आदि हैं। देश भर में होने वाले यह सभी नेक काम ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के संस्थापक व चेयरमैन, राष्ट्र प्रेमी, समाजसेवी, हज़रत मौलाना मोहम्मद सैफुल्लाह ख़ां अस्दक़ी साहब की सरपरस्ती में हूए।

ग़ौसे आज़म फाउंडेशन (जीएएफ़) के डायरेक्टर समाजसेवी मोहम्मद ख़ालिद सैफुल्लाह ने कहा कि अपना तन मन धन और वक़्त लगाकर नामूसे इस्लाम/ नामूसे मुल्क पर पहरा देने का/ देश में प्यार की गंगा बहाने का और ख़ुदा की मख़्लूक़ की ख़िदमत करने का शौक़ व जज़्बा रखने वालों को ही ग़ौसे आज़म फाउंडेशन का ओहदा दिया जाता है ताकि अपनी मेहनत की कमाई को अपने ही हाथों से ख़ुदा की राह में ख़र्च कर सकें और लोगों की दुआएं ले सकें।

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