गोरखपुर

गोरखपुर: अब्दुल वाहिद ने याद किया पूरा क़ुरआन-ए-पाक, बने हाफ़िज़

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गोरखपुर। मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया इमामबाड़ा दीवान बाजार में पढ़ने वाले 15 वर्षीय अब्दुल वाहिद रज़ा पूरा क़ुरआन-ए-पाक याद करके हाफ़िज़ बन गए। शनिवार को इस मुबारक मौके पर मदरसे में खत्मे क़ुरआन कार्यक्रम हुआ। बुलाकीपुर के रहने वाले कारी मो. अनीस के पुत्र अब्दुल वाहिद को शिक्षकों व से सहपाठियों ने मुबारकबाद पेश की। हाफ़िज़ महमूद रज़ा क़ादरी ने क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत की। मोहम्मद आसिफ ने नात-ए-पाक पढ़ी। उलमा किराम ने क़ुरआन-ए-पाक की फज़ीलत बयान की। कार्यक्रम में मुफ्ती-ए-शहर अख़्तर हुसैन मन्नानी, प्रधानाचार्य नजरे आलम कादरी, मोहम्मद आजम, नवेद आलम, मौलाना रियाजुद्दीन, कारी मो. सरफुद्दीन, निसार अहमद, मो. शाहिद, मुनीर अहमद, मो. इदरीस, मो. कासिम, मो. इस्हाक़, अबू अहमद, रेयाज़ अहमद, मो. नसीम खान, हिमायतुल्लाह, मो. हाशिम, इस्माइल खान, हाजी मो. इदरीस, कारी अफ़ज़ल आदि ने शिरकत की।

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