2 अप्रैल को देखा जाएगा माह-ए-रमज़ान का चांद; पहला रोज़ा सबसे छोटा, 14 घंटा 01 मिनट का, अंतिम रोज़ा सबसे बड़ा, 14 घंटा 49 मिनट का
गोरखपुर। चांद के दीदार के साथ 3 या 4 अप्रैल से माह-ए-रमजाऩ शुरू होगा। मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवाना बाजार, मदरसा जियाउल उलूम पुराना गोरखपुर गोरखनाथ, मदरसा अंजुमन इस्लामिया खूनीपुर, मदरसा जामिया कादरिया तजवीदुल क़ुरआन लिल बनात अलहदादपुर सहित तमाम मदरसों ने रमज़ान कैलेंडर जारी कर दिया है। रमजाऩ कैलेंडर व रमज़ान कार्ड बांटा जाने लगा है। सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है। रमज़ान में सहरी व इफ्तार बहुत अहम है। समय से सहरी करने व रोज़ा इफ्तार करने के लिए मदरसा व आमजन द्वारा रमज़ान कार्ड व कैलेंडर छपवा कर बांटा जाता है। मुस्लिम घरों व मस्जिदों में रमज़ान की तैयारियां शुरु हो गई हैं। रमजाऩ की रातों में पढ़ी जाने वाली तरावीह की नमाज़ पढ़ाने वाले हाफ़िज़-ए-क़ुरआन मुकद्दस क़ुरआन दोहरा रहे हैं। रमज़ान में रोजेदार दिन में रोजा रखेंगे और रात में तरावीह की नमाज़ पढ़ेंगे। अबकी माह-ए-रमज़ान का पहला रोजा 14 घंटा 01 मिनट का होगा। जो माह-ए-रमज़ान का सबसे छोटा रोजा होगा। वहीं माह-ए-रमज़ान का अंतिम रोजा सबसे बड़ा होगा। जो 14 घंटा 49 मिनट का होगा।
युवा आलिम कारी मोहम्मद अनस रज़वी ने बताया कि 2 अप्रैल को माह-ए-शाबान की 29 तारीख है, इसी दिन माह-ए-रमज़ान का चांद देखा जाएगा। अगर चांद नज़र आ गया तो 3 अप्रैल से रमज़ान शुरु हो जाएगा। अगर चांद नज़र नहीं आया तो 4 अप्रैल से रमज़ान शुरु होगा। ईद-उल-फित्र का त्योहार चांद नज़र आने पर मई के पहले हफ्ते में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुक़द्दस रमज़ान का पहला अशरा रहमत, दूसरा मग़फिरत, तीसरा जहन्नम से आज़ादी का है। रमज़ान रहमत, ख़ैर व बरकत का महीना है। इसमें रहमत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। जहन्नम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। शैतान जंजीर में जकड़ दिए जाते हैं। नफ़्ल का सवाब फ़र्ज़ के बराबर और फ़र्ज़ का सवाब सत्तर फ़र्ज़ों के बराबर दिया जाता है।

रमज़ान – अंग्रेजी तिथि – सहरी का अंतिम समय – इफ्तार का समय – रोज़ा अवधि (गोरखपुर हेतु सहरी व इफ्तार कार्ड)
- 03 अप्रैल – सुबह 4:20 बजे – शाम 6:21 बजे – 14 घंटा 01 मिनट
- 04 अप्रैल – सुबह 4:18 बजे – शाम 6:21 बजे – 14 घंटा 03 मिनट
- 05 अप्रैल – सुबह 4:17 बजे – शाम 6:22 बजे – 14 घंटा 05 मिनट
- 06 अप्रैल – सुबह 4:16 बजे – शाम 6:23 बजे – 14 घंटा 07 मिनट
- 07 अप्रैल – सुबह 4:15 बजे -शाम 6:23 बजे 14 घंटा 08 मिनट
- 08 अप्रैल – सुबह 4:14 बजे – शाम 6:24 बजे – 14 घंटा 10 मिनट
- 09 अप्रैल – सुबह 4:13 बजे – शाम 6:24 बजे – 14 घंटा 11 मिनट
- 10 अप्रैल – सुबह 4:12 बजे – शाम 6:24 बजे – 14 घंटा 12 मिनट
- 11 अप्रैल – सुबह 4:11 बजे – शाम 6:25 बजे – 14 घंटा 14 मिनट
- 12 अप्रैल – सुबह 4:10 बजे – शाम 6:25 बजे – 14 घंटा 15 मिनट
- 13 अप्रैल – सुबह 4:08 बजे – शाम 6:26 बजे – 14 घंटा 18 मिनट
- 14 अप्रैल – सुबह 4:07 बजे – शाम 6:26 बजे – 14 घंटा 19 मिनट
- 15 अप्रैल – सुबह 4:05 बजे – शाम 6:27 बजे – 14 घंटा 22 मिनट
- 16 अप्रैल – सुबह 4:04 बजे – शाम 6:28 बजे – 14 घंटा 24 मिनट
- 17 अप्रैल – सुबह 4:03 बजे – शाम 6:28 बजे – 14 घंटा 25 मिनट
- 18 अप्रैल – सुबह 4:02 बजे – शाम 6:29 बजे – 14 घंटा 27 मिनट
- 19 अप्रैल – सुबह 4:01 बजे – शाम 6:29 बजे – 14 घंटा 28 मिनट
- 20 अप्रैल – सुबह 4:00 बजे – शाम 6:30 बजे – 14 घंटा 30 मिनट
- 21 अप्रैल – सुबह 3:59 बजे – शाम 6:30 बजे – 14 घंटा 31 मिनट
- 22 अप्रैल – सुबह 3:58 बजे – शाम 6:31 बजे – 14 घंटा 33 मिनट
- 23 अप्रैल – सुबह 3:57 बजे – शाम 6:31 बजे – 14 घंटा 34 मिनट
- 24 अप्रैल – सुबह 3:56 बजे – शाम 6:32 बजे -14 घंटा 36 मिनट
- 25 अप्रैल – सुबह 3:55 बजे – शाम 6:33 बजे – 14 घंटा 38 मिनट
- 26 अप्रैल – सुबह 3:54 बजे – शाम 6:33 बजे – 14 घंटा 39 मिनट
- 27 अप्रैल – सुबह 3:52 बजे – शाम 6:33 बजे – 14 घंटा 41 मिनट
- 28 अप्रैल – सुबह 3:51 बजे – शाम 6:34 बजे – 14 घंटा 43 मिनट
- 29 अप्रैल – सुबह 3:50 बजे – शाम 6:34 बजे – 14 घंटा 44 मिनट
- 30 अप्रैल – सुबह 3:49 बजे – शाम 6:35 बजे – 14 घंटा 46 मिनट
- 01 मई – सुबह 3:48 बजे – शाम 6:35 बजे – 14 घंटा 47 मिनट
- 02 मई – सुबह 3:47 बजे – शाम 6:36 बजे – 14 घंटा 49 मिनट
नोट : एहतियात बरतते हुए सहरी के अंतिम समय से 5 मिनट पहले सहरी खत्म कर लें और रोज़ा इफ्तार के समय 2 से 3 मिनट देर से इफ्तार करें।