राजनीतिक

आख़िर सरकार ने झूठ क्यों बोला?

डॉ० मुमताज़ आलम रिज़वी

इसरायली कंपनी पेगासस के सॉफ्टवेयर स्पाईवेयर का सच सामने आ गया। कहते हैं झूठ झूठ होता है और सच सच होता है। कोई कितना सच छिपाए लेकिन वो एक दिन सामने आ जाता है, वही हुआ कि जासूसी कराने का मामला तक़रीबन बेनक़ाब हो गया है। अब दी न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से रिपोर्ट आयी है, उसने साफ़ कर दिया है कि सुरक्षा डील जो इजराइल से हुयी थी उसी में स्पाई वेयर का भी सौदा हुआ था और मोदी सरकार ने खुद यह सॉफ्ट वेयर खरीदा था और पी एम मोदी ने ये सौदा अपने इसरायली दौरे के दौरान किया था। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2021 में खुलासा किया गया था कि दुनिया भर की कई सरकारों ने अपने यहां के प्रमुख लोगों के खिलाफ जासूसी करने के लिए स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया था। जुमा को द न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने 2017 में मिसाइल प्रणाली सहित हथियारों की खरीद के लिए हुए 2 बिलियन डॉलर के रक्षा डील में ही इजरायली स्पाईवेयर पेगासस खरीदा था। अखबार के द्वारा की गई साल भर की जांच से पता चला है कि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने भी इस स्पाईवेयर को खरीदा और इसको इस्तेमाल करने के मकसद से इसका परीक्षण किया था। एफबीआई इस स्पाईवेयर को घरेलू निगरानी के लिए इस्तेमाल करना चाहती थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे दुनिया भर में इस स्पाईवेयर का इस्तेमाल किया गया। जिसमें मेक्सिको द्वारा पत्रकारों और विरोधियों को निशाना बनाना, सऊदी अरब द्वारा महिला अधिकार की पक्षधर कार्यकर्ताओं के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जाना शामिल था। इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सऊदी अरब के गुर्गों द्वारा मार दिए स्तंभकार जमाल खशोगी के खिलाफ भी इजरायली स्पाईवेयर का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल के रक्षा मंत्रालय द्वारा नए सौदों के तहत पोलैंड, हंगरी और भारत समेत कई देशों को पेगासस दिया गया। अब सवाल यह है कि आखिर सरकार ने पार्लियामेंट के अंदर तक यह झूठ क्यों बोला था कि उसने कोई सॉफ्ट वेयर नहीं खरीदा और प्रतिपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है। जब इसमें 40 पत्रकारों के अलावा खुद कई केंद्रीय मंत्रियों की जासूसी करायी गयी थी। अपोज़िशन में कांग्रेस के लीडर राहुल गांधी, राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर, तत्कालीन चुनाव आयुक्त अशोक लवासा, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव थे सहित कई अन्य प्रमुख नाम थे। इस सूची में द इंडियन एक्सप्रेस के दो वर्तमान संपादकों और एक पूर्व संपादक भी शामिल थे। रिपोर्ट यह है कि मीडिया समूहों के एक वैश्विक संघ ने जुलाई 2021 में खुलासा किया था कि दुनिया भर की कई सरकारों ने अपने विरोधियों, पत्रकारों, व्यापारियों पर जासूसी करने के लिए स्पाईवेयर का इस्तेमाल किया था। अब जब यह मामला सामने आया तो फिर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है मोदी सरकार ने हमारे लोकतंत्र की प्राथमिक संस्थाओं, राज नेताओं व जनता की जासूसी करने के लिए पेगासस खरीदा था। फोन टैप करके सत्ता पक्ष, विपक्ष, सेना, न्यायपालिका सब को निशाना बनाया है। ये देशद्रोह है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है। राहुल गांधी का यह बहुत बड़ा आरोप है तो क्या सरकार अब इसका जवाब देगी ? संसद में जो झूठ बोला गया उसका क्या होगा? आख़िर सरकार इस केंद्र झूठ का सहारा क्यों लेती है?

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