गोरखपुर। भारत सरकार द्वारा संचालित छात्रवृत्ति पोस्ट-मैट्रिक में नवीन ऑनलाइन आवेदनों में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब इससे कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति का लाभ ले सकेंगे। राज्य अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसा, स्कूल, कॉलेज के प्रधानाचार्य या इंस्टिट्यूट नोडल अधिकारी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्रओं के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के अंतर्गत नवीन ऑनलाइन आवेदनों में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि बदले नियमों से सभी संबंधित को सूचित कर दिया गया है।
Related Articles
शाखहा-ए-दा:उ़:अनवारे मुस्तफा व फारिग़़ीने दारुल उ़लूम की सालाना मीटींग आज
हर साल की तरह इस साल भी इलाक़ा-ए-थार की मरकज़ी दर्सगाह दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफा सेहलाऊ शरीफ के ज़ेरे निगरानी चलने वाले सभी मदारिस व मकातिब के सभी मुदर्रसीन और जुम्ला फारिग़ीन(अबना-ए-क़दीम व जदीद) की सालाना मज्लिसे मुशावरत (मीटिंग) आज सुबह 9:00 से 12:00 बजे के दरमियान नूरुल उ़ल्मा पीरे तरीक़त हज़रत अ़ल्लामा अल्हाज सय्यद […]
हमें अपना शैक्षिक परिवेश चाहिए
फलाहे मिल्लत ट्रस्ट ओझा गंज बस्ती यूपी इंडिया उत्तर प्रदेश के शहर बस्ती के आसपास के गांव और इलाकों में जितने भी मदरसे हैं उनमें जो एजुकेशन सिस्टम है वह दोधारी छुरी से हलाल करने के जैसा ही है। क्योंकि इस सिस्टम की वजह से मुस्लिम समाज को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक […]
नेपाल के आसिफ रज़ा गोरखपुर में बने हाफ़िज़-ए-क़ुरआन
रमज़ान में तरावीह की नमाज़ पढ़ायेंगे गोरखपुर। कोरोना कॉल व लॉकडाउन में जहां ज़िन्दगी में उथल पुथल थी वहीं नेपाल के 16 वर्षीय होनहार छात्र आसिफ रज़ा ने गोरखपुर में रहकर पूरा क़ुरआन-ए-पाक कंठस्थ (हिफ़्ज़) कर लिया। आसिफ रज़ा हाफ़िज़-ए-क़ुरआन बन गए हैं। इनकी दस्तारबंदी मार्च माह में मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाज़ार में […]

