गोरखपुर

संविदा कर्मचारियों के अवैध वसूली से ग्रामीणों में काफी आक्रोश

  • पूरे फीडर की विद्युत बाधित कर करते हैं व्यक्तिगत कार्य
  • लापरवाह जेई होने से पुरे विधुत उपकेंद्र की विधुत हों रही है प्रभावित
  • गोरखुपर जनपद के गंगटही उपकेंद्र का मामला

गोरखपुर/खजनी। उत्तर प्रदेश सरकार लाख दावे कर ले परंतु बिजली विभाग में जिम्मेदार पद पर बैठे विभाग के उच्च अधिकारी सुधरने का नहीं ले रहे नाम, सुबह के 6:00 बजते ही उप केंद्रों पर शुरू हो जाती है विद्युत कटौती रात भर लोग हो रहे परेशान और तो और ग्रामीणों द्वारा जब विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता से लेकर कर्मचारियों तक को फोन लगाया जाता है तो मोबाइल बंद रहता है क्या इसी लचर व्यवस्था के तहत बिजली विभाग कनेक्शन धारकों से वसूलेगा पैसा हद तो तब हो गई जब अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी को फोन लगाया जाता है तो फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के गंगटही के लगभग सभी फीडर को सुबह के 6:00 बजते ही बिजली की आंख मिचौली शुरू हो जाती है जब इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया जाता है तो ज्यादातर मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया या फिर नंबर बंद ही मिलता है जिससे रात भर ग्रामीणों को रात्रि विश्राम करना मुहाल हो चुका है। विद्युत द्वारा जारी 1912 नंबर पर ग्रामीणों द्वारा फोन लगाया जाता है तो घंटों बात नहीं होती और काश बात भी हो जाए तो एक रटा- रटाया या बयान जारी कर दिया जाता है कि आपकी असुविधा के लिए खेद है आपकी समस्या जल्द ही उच्च अधिकारियों को स्थानांतरित की जा रही है परंतु यहां तो मामला ही कुछ अलग है गंगटही पावर हाउस में तैनात अवर अभियंता के दिनचर्या ही कुछ अलग है एक तो सीयूजी नंबर बंद ही हो जाता है और जब अवर अभियंता महोदय के प्राइवेट नंबर पर कॉल की जाती है तो उनके द्वारा जवाब दिया जाता है कि आप लोग सरकारी नंबर पर ही बात करें प्राइवेट नंबर किसने दिया मेरी ड्यूटी तो 5:00 बजे तक ही तो है जबकि सरकार द्वारा अवर अभियंताओं को उप केंद्र पर ही रहना सुनिश्चित किया गया है परंतु उच्च अधिकारियों के लचर रवैया से आम आदमी हो रहा परेशान विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी ऐसे प्रकरणों को कब तक लेंगे संज्ञान, जबकि कर्मचारियों द्वारा जैसा जवाब ग्रामीणों को दिया जाता है उससे यही प्रतीत होता है कि बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन धारकों को खैरात में बिजली बांटी जा रही है और बिजली विभाग मेरे ऊपर कोई एहसान कर रहा है अब देखना है कि कुछ कुर्सी पर विराजमान जिम्मेदार अधिकारी ऐसे प्रकरणों को कितना संज्ञान लेते हैं यह तो समय के गर्भ में है जबकि विद्युत उप केंद्र के अवर अभियंता से लेकर संविदा लाइनमैन की आम आदमी से लेकर उच्च अधिकारियों तक किसी से छिपी नहीं है। बस यही रवैया अवर अभियंता का बना रहा तो वह दिन दूर नहीं, जब ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर उतर आएगा तो विभाग को पता चलेगा की विद्युत उपकेंद्र पर कब और क्या और कैसे हो रहा है क्या विद्युत विभाग आम आदमी से बिजली का बिल ही वसूल करेगा, या फिर आम आदमियों की समस्याओं को कभी निराकरण कर आएगा परंतु ऐसा नहीं होता है कि जब तक विद्युत केंद्र पर अवर अभियंता मौजूद रहेगा तब तक क्या इसी प्रकार मिलती।

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