गोरखपुर

सोने और चांदी की ताजिया इमामे हुसैन की शहादत की याद दिलाता है: सैय्यद इरशाद अहमद

मोहर्रम के 10 दिनों में आम लोगों की जियारत के लिए रखी जाती है सोने और चांदी की ताजिया: मंजूर आलम

गोरखपुर l इमामबाड़ा स्टेट के सज्जादानशीन और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य सैय्यद अदनान फर्रुख शाह मियां साहब के निर्देश पर इमामबाड़ा मुतव्वलियान कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद और इमामबाड़ा स्टेट के मीडिया प्रभारी मंजूर आलम के नेतृत्व में मोहर्रम की तैयारियों का अंतिम चरण में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सोने और चांदी की ताजिया की सफाई कराने के साथ-साथ उसकी मरम्मत भी कराई जिस का निरीक्षण इस प्रतिनिधिमंडल ने किया और उसके बाद इसकी पूरी जानकारी मियां साहब को दी गई।
इस अवसर पर इमामबाड़ा मुतव्वलियान कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद ने कहा कि सोने और चांदी की ताजिया इमामे हुसैन की शहादत की याद दिलाती है।
वही मीडिया प्रभारी मंजूर आलम ने कहा कि मोहर्रम के 10 दिनों में आम लोगों की जियारत के लिए सोने और चांदी की ताजिया रखी जाती है जिसमें सभी धर्म और जाति के लोग अपनी आस्था के बिना पर आते हैं और मन्नत पूरी होने पर पुनः बाबा के दरबार में हाजिरी देते हैं।
इस अवसर पर ई. मिन्नत गोरखपुरी ने कहा की इमामबाड़ा गोरखपुर शहर की एक धरोहर है जो गोरखपुर शहर को विभिन्न शहरों से अलग करता है इस अवसर पर शकील शाही,हाजी सोहराब खान,सैय्यद वसीम इकबाल,हाफिज अब्दुर रऊफ,मोहम्मद आकिब अंसारी ,एडवोकेट मोहम्मद अनीस ,हाजी जलालुद्दीन कादरी आदि मौजूद रहे।

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