गोरखपुर

क़ुरआन पर ईमान लाना हर शख़्स पर लाज़िम है: मौलाना अहमद

‘महफिल-ए-मिलादुन्नबी’ का दूसरा दिन

गोरखपुर। बारह दिवसीय ‘महफिल-ए-मिलादुन्नबी’ के दूसरे दिन शनिवार को बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद ने कहा कि अल्लाह ने अपनी जात के बाद हर खूबी और कमाल का जामे पैग़ंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम को बनाया। अल्लाह ने पैग़ंबर-ए-आज़म पर क़ुरआन-ए-पाक नाज़िल फ़रमाया। कुरआन-ए-पाक पैग़ंबर-ए-आज़म का अज़ीम मोज़ज़ा है। क़ुरआन-ए-पाक में हर चीज़ का इल्म है। क़ुरआन-ए-पाक इब्तिदा-ए-इस्लाम से आज तक वैसा ही है जैसा नाज़िल हुआ था और हमेशा वैसा ही रहेगा। क़ुरआन-ए-पाक पर ईमान लाना हर शख़्स पर लाज़िम है। अब न कोई पैग़ंबर पैदा होने वाला है और न कोई किताब आने वाली है। जो इसके खिलाफ अक़ीदा रखे वह मुसलमान नहीं।

उन्होंने कहा कि पैग़ंबर-ए-आज़म ने जहां सबके साथ सही इंसाफ करना, यतीमों, गरीबों, मजलूमों, बेसहारों की मदद, पड़ोसियों के साथ नेक बर्ताव करना सिखाया वहीं चोरी, फरेब, बेइमानी, झूठ, लालच, नफ़रत जैसी बुराइयों से दूर रहने की हिदायत दी।

अंत में सलातो सलाम पढ़कर दुआ मांगी गई। शीरीनी बांटी गई। महफिल में अली गज़नफर शाह अज़हरी, सैयद रफीक हसन, मो. ज़ैद, मो. फैज़, मो. आसिफ, मो. अरशद, मो. तैयब, तौसीफ खान, मो. लवी, अली कुरैशी, मो. रफीज, सैयद मारूफ आदि शामिल हुए।

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