सीतापुर: 10 सितंबर, हमारी आवाज़(सुमित बाजपेई)
आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा कृषि क्षेत्र के विकास के साथ-साथ करघा उद्योग को विकसित करने, बुनकरों की आर्थिक उन्नति के लिए उ.प्र. के कई जिलों में हथकरघा उद्योग की कई छोटी-बड़ी इकाइयां स्थापित की गई थी और उनकी बेहतरी के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई थी, ताकि अधिक से अधिक लोगो को रोजगार उपलब्ध हो और कपड़ा के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भर बने।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शमीना शफ़ीक़ का कहना है जब तक कांग्रेस की सरकार रही यह उद्योग फलता-फूलता रहा। कांग्रेस के यूपी की सत्ता से बाहर होने के बाद यह क्षेत्र नई सरकारों द्वारा लगातार उपेक्षित होता चला गया।
जिसका परिणाम है कि लगभग 80 प्रतिशत हथकरघा उद्योग न सिर्फ़ सीतापुर में बल्कि समस्त उत्तर प्रदेश में बन्द हो चुका है।
आज ख़ैराबाद और बिसवाँ में बुनकरो से मुलाक़ात की और करोना काल की बदहाली के बाद उनकी समस्याओं को नज़दीक
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